गड़रिया समुदाय की उत्पत्ति पृथ्वी पर सबसे पहले मनुष्य के रूप में हुई । गड़रिया समुदाय पृथ्वी के सभी राज्यों और नेपाल भूटान अफगानिस्तान व अमेरिका के कैलिफोर्निया में पाए जाते हैं । गड़रिया समुदाय पशुपालन के साथ कृषि खेती पर निर्भर है । गड़रिया एक क्षत्रिय योद्धा जाति है । जिसे भारत के राज्यों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है । उत्तर प्रदेश - पाल बघेल धनगर गड़रिया निखर कर्नाटक - कुरूबा हालुमता पुजारी गौड़ा महाराष्ट्र - धनगर हटकर गुजरात - भरवाड़ तेलंगाना - कुरूमा तमिलनाडु - कुरूम्बा केरल - कुरूबन बिहार - पाल गडेरी राऊत हरियाणा - पाल राजस्थान - गाडरी गायरी धनगर मध्यप्रदेश - पाल बघेल धनगर चौधरी गायरी छत्तीसगढ़ - पाल पाली धनगर हिमाचल प्रदेश - गद्दी गड़रिया समुदाय के क्षत्रिय राजवंश मालवा , इन्दौर का होल्कर राजवंश एक धनगर ( गड़रिया ) राजवंश है । जिसे संस्थापक मल्हार राव होल्कर थे । विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर और बुक्का थे । जो कुरूबा ( गड़रिया ) राजवंश था । बंगाल का पाल राजवंश के संस्थापक राजा गोपाल था । जो पाल ( गड़रिया ) समुदाय का राजवंश है । मगध का मौर्य राजवंश ...
भारत के महान सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य थे। इन्होंने मौर्य राजवंश / मौर्य साम्राज्य की स्थापना की थी। चन्द्रगुप्त पूरे भारत को एक साम्राज्य के अधीन लाने में सफल रहे। चन्द्रगुप्त मौर्य के राज्यारोहण की तिथि साधारणतया ३२१ ई.पू. निर्धारित की जाती है। उन्होंने लगभग 24 वर्ष तक शासन किया और इस प्रकार उनके शासन का अन्त प्रायः २८५ ई.पू. में हुआ। भारतीय तिथिक्रम के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य का शासन ईपू १५३४ से आरम्भ होता है। वर्तमान में इनके वंशज गड़रिया है | डां. असुदोश के लेखन में मिलता है कि कोई मौर्य टाइटल लगाने से मौर्य नहीं हो जाता चन्द्रगुप्त मौर्य एक चरवाह गड़रिया थे |
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